School Love Story in hindi-स्कूल की प्रेम कहानी हिंदी में

School Love Story in hindi : दोस्तों आज हम आपके लिए school love story in hindi लेकर आए है। हम सबको कहीं ना कहीं अपने स्कूल की कुछ बातें और कुछ यादें हमेशा रहती याद आती रहती हैं।
स्कूल का समय काफी सुनहरा होता है। इस समय को भुलाना बहुत ही मुश्किल होता है। लेकिन जब स्कूल में ही आपको किसी से प्यार हो जाए तो उसको पूरी जिंदगी भर भूलना बहुत ही मुश्किल होता है।

आज हमने ऐसी ही कुछ कहानी हिंदी में लिखा है जो कि स्कूल के प्रेम (school love story in hindi) पर आधारित है।

School love story in hindi

अक्सर हम युवावस्था में अट्रैक्शन को प्यार समझ लेते हैं। आज की हमारी कहानी उसी पर बेस्ड है। यह कहानी है दिल्ली पब्लिक स्कूल के चार दोस्तों की। आकाश, हिमांशु, हिमांशी और काव्या की।

वैसे तो चारों हमेशा अपनी खुशी गम सब कुछ शेयर करते थे, पर युवावस्था ऐसी उम्र है जिसमें बच्चों को अपने परिवार में दुनिया भर की बुराई दिखती है और दोस्तों में अच्छाई। कुछ हंसकर दो मीठे बातें कर ली तो उसको पसंद करने लगते हैं। ऐसा ही कुछ हुआ हिमांशी और हिमांशु के साथ।

एक दूसरे का होमवर्क करवाते हुए पढ़ाई में मदद करते हुए वह दोनों कभी एक दूसरे को पसंद करने लगे। उन्हें पता भी नहीं चला और आंखों ही आंखों में प्यार का इजहार भी हो गया। पर इस बात से अनजान आकाश और काव्या भी उन दोनों के लिए फीलिंग्स रखते थे। फिर एक दिन आखिर हिमांशु ने ठान ही लिया कि वह अपने दिल की बात हिमांशी को बताकर रहेगा।

इसलिए क्लास खत्म होने के बाद जब सब चली जाती है, वह दोनों वहीं रह जाती हैं। तब हिमांशु हिमांशी से कहता है हिमांशी।

School Love Story in hindi
school love story in hindi

मैं बहुत दिनों से तुमसे बात करना चाहता हूं।

बोलो हिमांशु, क्या बात है?

हम दोनों बचपन के दोस्त हैं और मैं तुम्हें पसंद भी करता हूं। तो क्या तुम मेरी गर्लफ्रेंड बनोगी?

बिना बोले भी इतने दिनों में हम दोनों ने बहुत कुछ बोल दिया था। फिर भी अगर तुम पूछ रहे हो तो मैं तुम्हें आंसर दे देती हूं। इतना कह कर हिमांशी बहुत तेज हंसने लगती है। तब हिमांशु फिर से उससे कहता है।

तुम हंस क्यों रही हो? क्या तुमको यह सब मजाक लग रहा है?

हैरी नहीं। अच्छा ठीक है। हां, मैं भी तुम्हें पसंद करती हूं और तुम्हारी गर्लफ्रेंड बनना चाहती हूं। इतना सुनकर हिमांशु बहुत खुश हो जाता है और वह दोनों एक दूसरे को गले लगा लेते हैं। फिर वह दोनों मिलकर डिसाइड करते हैं कि अभी अपने रिश्ते के बारे में वह किसी को नहीं बताएंगे। ऐसे ही समय बीतता रहता है और वह दोनों एक दूसरे के बहुत करीब आने लगते हैं।

फिर एक दिन स्कूल खत्म होने के बाद हिमांशु और हिमांशी सबकी नजरों से छुपकर क्लास रूम में चले जाते हैं और वहां जाकर एक दूसरे को गले लगाते हैं और धीरे धीरे अपनी सारी हदें पार कर देते हैं।Speaker 1 (02:39)
फिर उनको ढूंढते हुए आकाश और काव्या वहां आ जाती हैं और उन दोनों को देख लेते हैं। उन दोनों को साथ देखकर आकाश और काव्या का दिल बहुत बुरी तरीके से टूट जाता है और दोनों मिलकर एक प्लान बनाते हैं।

काव्या मैं जानता हूं कि तुम भी हिमांशु को बहुत पसंद करती हो। अगर तुम मेरा साथ दोगी तो तुम्हें तुम्हारा प्यार मिल जाएगा और मुझे मेरा प्यार।

ऐसा कैसे हो सकता है? आकाश वह दोनों एक दूसरे से प्यार करते हैं तो फिर हमें हमारा प्यार कैसे मिलेगा?

बस तुम मेरा साथ देती जाओ और आगे आगे देखो। होता है क्या? और मैं तुमसे वादा करता हूं कि तुम्हें तुम्हारा प्यार जरूर मिलेगा।

जैसा आकाश ने सोचा था, उसने बिल्कुल वैसा ही करना शुरू किया। धीरे धीरे उसने हिमांशु और हिमांशी के बीच में गलतफहमी पैदा करनी शुरू कर दी। एक दिन हिमांशु हिमांशी का इंतजार कर रहा था। तभी आकाश वहां आकर कहता है।

क्या हुआ हिमांशु? किसका इंतजार कर रहा है? कुछ नहीं यार, बस वह हिमांशी का इंतजार कर रहा हूं। पर मैंने तो उसे हमारे क्लास के राजीव के साथ बाइक पर जाते हुए देखा। ये क्या बोल रहे हो तुम? शायद तुम्हें कुछ गलतफहमी हुई होगी। नहीं यार, मैं अपनी बचपन की दोस्त को बहुत अच्छे से पहचान सकता हूं। यह कोई नई बात नहीं है। अक्सर मैंने उसे राजीव के साथ बाइक पर जाते हुए देखा है। तुझे मेरी बात पर यकीन नहीं है तो तू जाकर काव्या से पूछ सकता है।

फिर हिमांशु काव्या के पास जाता है और उससे पूछता है कि उसने भी हिमांशु को यही बताया कि उसने राजीव के साथ हिमांशी को अकसर बाइक पर जाते हुए देखा है। हिमांशु तुरंत आग बबूला होकर हिमांशी को कॉल करता है और उससे कहता है।

कहां हो तुम?

कुछ नहीं वह। मैं कुछ काम से राजीव के साथ आई थी।

ऐसा कौन सा जरूरी काम था जो तुमने मुझे बताना भी जरूरी नहीं समझा?
हिमांशु, तुम मुझसे ऐसे क्यों बात कर रहे हो? कुछ हुआ है क्या?

कुछ नहीं हुआ। छोड़ो
कुछ दिनों तक हिमांशु हिमांशी से बिल्कुल भी बात नहीं करता। इस सब से परेशान होकर हिमांशी हिमांशु के घर जाकर उससे कहती है क्या मुझसे कुछ गलती हो गई है? हिमांशु, तुम मुझसे बात भी नहीं कर रहे।

मुझे यह जानना है कि तुम राजीव के साथ बाइक पर क्यों गई थी।

मुझे काव्या ने बोला था राजीव के साथ जाने के लिए उसको राजीव से कुछ बात करनी थी तो मैं उसकी मदद कर रही थी।

हिमांशी तुम कब से झूठ बोलने लगी हो? काव्या तो वहां मेरे साथ ही थी। अगर उसको राजीव से कुछ काम होता तो खुद ही राजीव से कह देती। वैसे भी अब झूठ के बाद मुझे नहीं लगता कि मैं तुम्हारे साथ रह पाऊंगा। हमें अपना रिश्ता यहीं खत्म कर देना चाहिए।

हिमांशु बिना सच जाने। तुम इतना बड़ा फैसला कैसे ले सकती हो? ऐसा न हो कि आगे जाकर तुम्हें बहुत पछताना पड़े। और किसी भी रिश्ते में अगर प्यार और भरोसा न हो तो वह रिश्ता। ज्यादा दिन नहीं चल सकती और हमारे रिश्ते में भी भरोसा खत्म हो चुका है, जैसा आकाश और काव्या ने सोचा था। उन दोनों ने बिल्कुल वैसा ही कर दिखाया।

हिमांशी और हिमांशी को एक दूसरे से बिल्कुल अलग कर दिया। पर उस सबके बावजूद भी वह दोनों खुश नहीं थे। उन दोनों को इस बात का एहसास ही नहीं था कि हिमांशी और हिमांशी को अलग करने के चक्कर में कब वह दोनों एक दूसरे के करीब आ गए। फिर आकाश काव्या से कहता।

है यार काव्या, हमने हिमांशी और हिमांशी के साथ बहुत गलत किया है। हमें अपने प्यार का एहसास तो हो गया पर हमने उन दोनों को अलग कर दिया।
तुम सही बोल रही हो आकाश, हमें अब अपनी गलती सही करनी होगी। अगले दिन आकाश और काव्या, हिमांशु, हिमांशी के पास जाकर सब सच बता देते हैं कि कैसे उन लोगों ने अपने अट्रैक्शन को प्यार समझ लिया और उस प्यार को पाने के लिए उन दोनों के बीच में गलतफहमी पैदा कर दी। पहले तो हिमांशु और हिमांशी उन दोनों पर बहुत गुस्सा करते हैं।

School Love Story in hindi
School Love Story in hindi

तुम दोनों के बचपने के चक्कर में हम दोनों पर कितना कुछ गुजरा है। तुम दोनों को एहसास भी नहीं होगा। पर तुमसे भी क्या बोलूं जब मैं खुद ही अपने प्यार पर भरोसा नहीं कर पाया। मेरा प्यार इतना कमजोर था कि हवा के छोटे से झोंके से बिखर गया। यार, इसमें तेरी कोई गलती नहीं है। सब हमारी गलती है। हो सके तो हमें माफ कर दें। प्लीज यार तुम दोनों जाओ यहां से नहीं, हम कहीं नहीं जाएंगे। गलती की है तो अब उसको सुधारेंगे भी हम प्लीज।

तुम दोनों भी जानते हो कि तुम दोनों एक दूसरे से कितना प्यार करते हो। इतने दिन से अलग हो पर तब भी एक दूसरे की परवाह करते हो। कोई तुम दोनों के खिलाफ कुछ गलत बोल दे तो उसको सुना देते हो। तुम अपने प्यार को एक चांस और दो। बहुत सोचने के बाद उन दोनों को एहसास होता है कि प्यार इंसान से कुछ भी करवा सकता है। इसलिए वह उन दोनों को माफ कर देते हैं। साथ ही साथ हिमांशु और हिमांशी एक दूसरे से माफी मांगते हैं और काव्या और आकाश भी अपने प्यार का इजहार कर देते हैं और उन चारों की love story पूरी हो जाती है।

यह प्रेम कहानी भी पढ़े: Poonam Gupta Success Story

Leave a Comment

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Share